आदत बदली, जिंदगी बदली






नमस्कार दोस्तों,
मेरे चेंनल में आप सभी का बहुत बहुत स्वागत है,  दोस्तों इंसान के लिए सबसे असंभव काम है और वह है अपनी गलत आदत को बदलना । आदत बदली, जिंदगी बदली।

में आपको एक स्टोरी बताना चाहता हु, एक शहर में एक कुत्ता रहता था जो एक टेबल पर जाकर बैठ जाता था वही सोता उठता बैठता था और घरों की रखवाली करता था, 
टेबल बाहर ही थी जो कि बारिश के पानी की वजह से खराब हो गई और उस लकड़ी की टेबल के अंदर से लोहे की कील बाहर निकल आ गई, वो कुत्ता रोज वही बैठता था शुरुआत में कील थोड़ी बाहर आ गई थी उसको चुभती भी थी परबस कुत्ते ने कील पर उसने ध्यान नही दिया। धीरे धीरे कील टेबल से उसके वजन से बाहर आती रही, उसका दर्द बढता गया, पर वहाँ पर बहुत सारी साफ जगह थी पर वहाँ नही बैठता क्योंकि उसकी आदत वही बैठने की थी। और वह उसकी जगह ही बैठता भले उसको तकलीफ हो, पर दर्द सहन नही करने के कारण वो रोत रात को भोंकता एक दिन दो दिन ऐसे करते करते रोज का हो गया, उस शहर में रहने वाले लोग परेशान हो गए। उन्होंने एक दिन मारा उसको भगाया भी फिर वह वही आ जाता मार खाने के बाद और फिर उसी जगह आकर बैठ जाता और चिल्लाता रहता , आखिर में एक व्यक्ति ने सोचा कि यह चिल्लाता क्यो है, उसने गौर किया तो देखा टेबल में कील निकली हुई है और उस कुत्ते के घाव कर रही है और उस घाव के दर्द के कारण वह चिल्लाता और रोता है, उस व्यक्ति ने उस टेबल की जो कील निकल रही थी उसको हथौड़ी मार कर सही कर दिया। उस दिन उस कुत्ते को नींद आई और वह नही चिल्लाया । उस रात सभी शहर में रहने वाले लोगो ने चैन की नींद ली। 

ठीक इस प्रकार हम इंसान भी है, चाहे हमारी कोई बुरी लत हो, नशा करने की या फिर जो काम नौकरीं हम कर रहे है उससे शिकायत रहती है पर हम उसको छोड़ना नही चाहते , चाहे हम कितना चिल्ला लेंगे रो लेंगे पर काम वही पर करेंगे। हम भी चाहते है आगे रहकर कोई आये और कहे कि बोलों क्या problem समस्या है में आपकी समस्याओं का हल कर देता हूं, जबकि ऐसा कुछ होने वाला नही। आपको ही अपनी समस्याओं का समाधान निकलना पड़ेगा।

नशा करने वाले जब तक नही छोड़ते जब तक डॉक्टर न कहदे या जब उनको बस न चले तब तक वो नशा करना नही छोड़ सकते जबकि वो कहेंगे कि हम भी छोड़ना चाहते है हमारे सामने सब बात का रोना रोयेंगे पर नशा नही छोड़ेंगे। यहाँ पर भी इंसान चाहता है कि उसकी नशे लत खुद पे खुद छूट जाएगी पर वह नही छोड़ेगा जबकि लत उसको ही छोड़नी होगी लत उसे नही छोड़ेगी।

हम इंसान भी रोते चिल्लाते रहते है पर वह काम या हमारी आदत नही छोड़ेंगे जो हम में भी बुरी है । हम इंतज़ार करते है चलो थोड़े दिन और सही फिर देखेंगे। मतलब हम उस काम का रोना तो रोज रोयेंगे पर उसका सोलुशन हल नही नहीं निकालेंगे। जबकि हमकों हमारी सिर्फ आदत बदलनी है बाकी सब कुछ सही हो जाएगा, बस हमें हमारी आदत बदलने की जरूरत है बस। बाकी सब कुछ बदल जायेगा जैसा आप चाहते है वैसा सब हो जाएगा पर शुरुवात बदलने की आपको स्वयं से करनी होगी।

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