हमारा व्यक्तित्व कैसा है हमारे लिए जानना क्यो आवश्यक है।

 
आज में जिस विषय पर अपनी बात रख रहा हु वह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण विषय है हम सभी के लिए। 
हम दुनिया को जाने उससे पहले हमे खुद को जानना बहुत आवश्यक है की हम क्या सोचते है या हम किस स्वभाव के इंसान है। यह हमारे लिए बहुत आवश्यक है। 
जीवन के महत्वपूर्ण समय में से हमे हमारे लिए समय जरूर निकलना चाहिए जिससे हम चिंतन मनन कर सके ।
पर इस भाग दौड़ भरे जीवन में हमारे पास सबके लिए समय है सिवाय हमारे।
आपको पता है बहुत से लोग एक इन (अकेले रहना और शांत स्थान पर रहना)दो शब्दो का अर्थ एक ही निकालते है।
अकेले रहना- जब आपका साथ कोई न दे जब आपकी सुनने वाला कोई न हो। जब आप ऐसी परिस्थति हतास निरास परेशान होते है जब आपके ऊपर नकारात्मक विचार हावी हो जाते है तब इंसान अकेला रहता है। और वह कभी इससे बाहर नही आ सकता जब तक कोई उससे उससे बाहर न निकाले। वह ऐसे अंधेरे कुयें में हिता है जहा वह रहना नही चाहता बस तलाश है ऐसे इंसान की कोई उसकी और हाथ बढ़ाये और उसे इस कुँए से बाहर निकल ले। पर किसी को पता हो तो निकाले ना क्योकि वह किसी को बताकर थोड़ी उस कुँए में आया जिससे कोई इसकी मदद के लिए कोई आये। यह इसकी ही करनी है ।
अब आपको समझ आ गया होगा की अकेले रहना किसे कहते है औए कैसा अनुभव होता है ।

शांत स्थान पर रहना/जाना - यह एक सकारात्मक पहलू है जिसके पास सब कुछ होते हुए भी अपने जीवन के बारे में चिंतन मनन करता है वह कहते है अंग्रेजी में एक कहावत है ( Prevention is better than cure. मतलब किसी बीमारी के इलाज से अच्छा है की उसकी रोकथाम कर ली जाए मतलब सावधानियां(जीवन में परेशानिया न आये उसके लिए उचित सावधानिया रखना)) जिसमे मनुष्य अपने खुद के लिए समय निकालता है और किसी और के बारे में नही । अपने लिए सोचता है की उसके द्वारा किये गए कार्य से सब सही चल रहा हेना। उसके अंदर ऐसे कोई नकारात्मक विचारो का प्रभाव तो नही । कोई नकारात्मकता का समावेश तो नही हुआ। 

आप खुद जाचे की आपका कैसा व्यक्तित्व है।
आपने देखा होगा सोशल मीडिया का लोग बहुत उपयोग करते है पर इसका सबसे ज्यादा उपयोग लोग नकारात्मक विचारो का आदान प्रदान करने के लिए करते है और नकारात्मक विचार लोगों तो बहुत ही कम समय में पहुच जाते है । हम जिन विचारो  से प्रभावित होंगे हम उन्ही विचारो को प्रसारित/फेलायेंगे करेंगे। 
उदाहरण के लिए-  मुझे कोरोना होता है तो मेरी यह बात आप पूरे देश में फैला देंगे पूरी ईमानदारी औए लगन के साथ आप इसके फेलायेंगे आप इसको प्रमोट करेंगे । आखिर आपस मेरे शुभ चिंतक जो है।  आप सब कुछ ही पल में हमारे क्षेत्र की ही नही पूरे इंडिया की आप news बना देंगे। पर में यह ब्लॉग लिख रहा हु आप इसके बारे में किसी से बात न करेंगे और ना ही यह बात किसी को शेयर करेंगे । whats app फेसबुक या ट्विटर के माध्यम से।
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अब आप खुद सोचे की आपका कैसा व्यक्तित्व है और आप किस मानसिकता से घिरे है । सकारात्मकता या नकारात्मकता।


हमने अकसर देखा होगा जो जीवन में खुशिया बाटता है उसके जीवन में हमेशा खुशियां छाई रहती है। इसके विपरीत जो दुसरो को परेशान करता है वह परेशानियों से घिरा रहता है। क्योकि वह ऐसा इसलिए करता है क्योकि वह खुद परेशान है औए वह खुद परेशान है इसलिए दुसरो को परेशान करना चाहता है ताकि वो दुसरो को परेशान करके खुद सुख का अनुभव कर सके । जो की बहुत ही गलत उसके विचार है पर पल भर की झूठी खुशी के लिए वह किसी बात को करने से गुरेज नही करता है। और इसलिए कहते है आप जो अपने जीवन में बोयेंगे वही काटेंगे। वह दुसरो को परेशान करने के बाद खुद के सुख की कल्पना करता है  । आप ही सोचिये बताइये की क्या उसे वह मिलेगा। आप किसी की खुशियो का कारण बनेंगे तो आपके जीवन में कोई आपकी खुशियो का कारण बनेगा। आप किसी के जीवन में दुख का कारण बनेगे तो आपके जीवन में कोई और आपके दुख का कारण बनेगा।

यह बात एक कटु सत्य है की लोग अपने दुख से दुखी नही दूसरे के सुख से दुखी है।

सार- इसलिए आप हमेशा सकारात्मक विचार रखे । अपने आसपास का वातावरण ऐसा बनाये रखे की आजके जीवन में हमेशा खुशिया का डेरा हो । अपने जीवन को सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण रखे।


उम्मीद है आपको समझ आया होगा। आपके भी विचार जो भी जो comment बॉक्स में लिखकर जरूर बताये ।

आपने अपना कीमती समय दिया उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। 
            
                               

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